Homeदेश

तमिलनाडु सरकार हाथियों की मौत रोकने के लिए एआई-आधारित समाधान को जल्द अंतिम रूप देगी

my-portfolio

तमिलनाडु का वन विभाग इस महीने के अंत तक हाथियों की मौत को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधानों को अंतिम रूप देगा। वन क्षेत्रों में हाथियों की मौत को रोकने के लिए एआई-आधारित समाधान प्रदान करने के लिए विभाग पहले ही संभावित कंपनियों से निविदाएं मंगा चुका है।...

CG में बच्चा चोरी को लेकर फर्जी पोस्टर, सोशल मीडिया में हो रहा वायरल, पुलिस अफसर बोले-हमने नहीं किया जारी
IND vs SA 2nd ODI: भारत को दूसरी सफलता, मलान हुए आउट
छत्तीसगढ़ में कोयला संकट, भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से मांगी मदद
IANS | Edited By : IANS | Updated on: 05 Oct 2022, 02:46:05 PM
Elephant photoModiTwitter

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

चेन्नई:  

तमिलनाडु का वन विभाग इस महीने के अंत तक हाथियों की मौत को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधानों को अंतिम रूप देगा। वन क्षेत्रों में हाथियों की मौत को रोकने के लिए एआई-आधारित समाधान प्रदान करने के लिए विभाग पहले ही संभावित कंपनियों से निविदाएं मंगा चुका है।

राज्य के वन विभाग के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि विभाग को पहले ही 23 निविदाएं मिल चुकी हैं और उन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।

वालयार के मदुक्कराय वन रेंज में तेज रफ्तार ट्रेनों ने हाथियों को टक्कर मार दी थी, जिससे कई जंगली हाथियों की मौत हो गई थी। 26 नवंबर, 2021 को मैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से तीन मादा हाथियों की मौत हो गई। इसके कारण दक्षिणी रेलवे और तमिलनाडु वन विभाग के बीच एक बड़ा टकराव हुआ था और बाद में रेलवे कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई थी।

एक आरटीआई जांच से पता चला है कि तेज रफ्तार ट्रेनों की चपेट में आने से 2010 से अब तक 8 हाथियों की मौत हो गई है। तमिलनाडु और दक्षिण रेलवे के वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों की कई बार बैठक हुई और विचार-मंथन सत्रों में यह निर्णय लिया गया कि हाथियों को तेज रफ्तार ट्रेनों की चपेट में आने से रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को तैनात किया जा सकता है।

तमिलनाडु वन विभाग की सचिव सुप्रिया साहू ने वन्यजीव सप्ताह समारोह के मौके पर मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि राज्य वन विभाग संरक्षण प्रयासों के लिए प्रौद्योगिकी पर अधिक भरोसा करेगा।

तमिलनाडु वन विभाग भी डिजिटल अभिलेखागार और डिजिटल डेटा केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है ताकि जानकारी उंगलियों पर हो।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 05 Oct 2022, 02:46:05 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.